Tuesday, April 12, 2016

पानी और पैसा






पानी और पैसा      


पानी की तरह पैसा बहाना 
कोई उन्हें समझाए 
कि सिर्फ एक मुहावरा ही है 
उन दिनों ईजाद किया हुआ 
जब पानी सब तरफ लबालब था 
और पैसा अभी देवता नहीं बना था 

कोई उन्हें समझाए 
पैसे से पानी पर काबू पाना 
मानो ऊँगली को आँखों पर रख   
सूरज को ढक लेने का 
भ्रम पालने जैसा है 

कोई उन्हें यह भी समझाए 
कि तीसरा विश्वयुद्ध पानी के कारण होगा 
कोई मुहावरा नहीं है 
बस कुछ मसखरों द्वारा 
प्रलय से पहले 
उसकी खिल्ली उड़ाने का जत्न करने जैसा है 

कुमार विक्रम 


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